KarmSakha
Help

Written and physical-stage workbook

MP Police Constable Syllabus-Topic Workbook (Hindi Medium)

हिंदी माध्यमHindi medium

A 219 pages written and physical-stage workbook for MP Police preparation. Use the sample and the recorded source information below to decide whether this focused digital study pack matches your preparation stage.

A focused 219 pages digital study pack for MP Police preparation. Sign in to check access already linked to your account.

Catalog and delivery details Read the free sample Secure digital access
Length
219 pages
Format
eBook, read online (no PDF download)
Exam focus
MP Police
Language
Hindi
Access
365 days
Delivery
Instant account library
Free sample
2,489 words, readable on this page
Catalog record date
2026-06-21

Free sample

Read the opening of MP Police Constable Syllabus-Topic Workbook (Hindi Medium) before you buy

This is the start of the same eBook you unlock after payment. No sign-in needed.

2,489 words free14 chapters in the full eBookAbout 12 min to read

Free sample: scroll to keep reading

अध्याय 1: परीक्षा का खाका, स्कोरिंग गणित और अटेम्प्ट रणनीति

This chapter covers अध्याय 1: परीक्षा का खाका, स्कोरिंग गणित और अटेम्प्ट रणनीति. अध्याय की शुरुआत MPESB की भूमिका से करें — मध्य प्रदेश पुलिस आरक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा इसी मंडल द्वारा आयोजित की जाती है — और चयन-यात्रा के चरण क्रम से रखें: लिखित परीक्षा, शारीरिक मापदंड परीक्षण एवं शारीरिक दक्षता परीक्षण, दस्तावेज़ सत्यापन तथा चिकित्सा परीक्षण। यहाँ यह बात दोहराकर स्पष्ट करें कि प्रश्न-संख्या, कुल अंक, समय-अवधि, ऋणात्मक अंकन का अंश, अर्हकारी मानदंड, ऊँचाई-सीना-दौड़ जैसे शारीरिक मापदंड और आयु-सीमा — इनमें से कोई भी संख्या इस पुस्तक में नहीं छापी गई है, क्योंकि ये सब नियम-पुस्तिका और चालू विज्ञापन से नियंत्रित होती हैं और भर्ती-चक्र बदलने पर बदल सकती हैं; पुस्तक इनके लिए रिक्त 'अधिसूचना-पठन तालिका' देती है जिसे अभ्यर्थी स्वयं भरता है। इसके बाद आठों विषय-क्षेत्रों — भाषा, संख्यात्मक अभियोग्यता, तर्कशक्ति, सामान्य विज्ञान, संविधान एवं विधि-बोध, इतिहास-भूगोल-अर्थव्यवस्था, मध्य प्रदेश सामान्य ज्ञान तथा समसामयिकी — पर प्रश्न-प्रकारों की एक जनगणना-तालिका बनाएँ, जिसे अध्ययन-प्राथमिकता का औज़ार बताया जाए, गारंटीशुदा भारांक नहीं। स्कोरिंग का गणित पढ़ाएँ: शुद्ध अनुमान का अपेक्षित मान p − n(1 − p) होता है, जहाँ p सही होने की प्रायिकता और n ऋणात्मक अंश है; यदि अधिसूचना में 1/4 का ऋणात्मक अंकन हो तो लाभ-हानि-बराबरी की प्रायिकता 20% और 1/3 पर 25% बैठती है, तथा ऋणात्मक अंकन न होने पर कोई प्रश्न खाली छोड़ना कभी लाभदायक नहीं। तीन-चक्र अटेम्प्ट क्रम, 45-सेकंड 'छोड़ दो' नियम, प्रति-प्रश्न समय-बजट तालिका और OMR/CBT अनुशासन की जाँच-सूची दें। सामान्य गलतियाँ: पिछले चक्र के पैटर्न को स्थायी नियम मान लेना, अनिश्चित प्रश्नों पर अंधाधुंध अनुमान लगाना, और ऋणात्मक अंश को स्मृति से मान लेना।.

KarmSakha preparation topics covered

  • Understand and apply: MPESB की भूमिका और चयन-यात्रा के चरण
  • Understand and apply: अधिसूचना-नियंत्रित आँकड़े और रिक्त पठन-तालिका
  • Understand and apply: आठ विषय-क्षेत्रों की प्रश्न-जनगणना तालिका
  • Understand and apply: स्कोरिंग का गणित: अपेक्षित मान और बराबरी बिंदु
  • Understand and apply: तीन-चक्र अटेम्प्ट क्रम और 45-सेकंड 'छोड़ दो' नियम
  • Understand and apply: प्रति-प्रश्न समय-बजट और OMR/CBT अनुशासन जाँच-सूची
  • Understand and apply: सामान्य गलतियाँ: पैटर्न-भ्रम, अंधानुमान, स्मृति-अंश

MPESB की भूमिका और चयन-यात्रा के चरण

मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB/ESB) राज्य में विभिन्न विभागों की भर्तियों के लिए प्रक्रिया संचालित करने वाला मुख्य निकाय है। पुलिस आरक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा इसी मंडल द्वारा आयोजित की जाती है। इसका अर्थ यह है कि अभ्यर्थी को परीक्षा के लिए पंजीकरण, परीक्षा-केंद्र और परिणाम से संबंधित तमाम निर्देश सीधे MPESB की ओर से जारी होते हैं। किसी भी अन्य कार्यालय को परीक्षा से जुड़ी जानकारी देने से पहले MPESB की आधिकारिक अधिसूचना ही प्रमाण मानना चाहिए।

चयन-यात्रा के चरण प्रायः एक निश्चित अनुक्रम में चलते हैं। सामान्य तौर पर पहले लिखित परीक्षा होती है, उसके बाद शारीरिक मापदंड परीक्षण (PMT) और शारीरिक दक्षता परीक्षण (PET), फिर दस्तावेज़ सत्यापन और अंत में चिकित्सा परीक्षण। हर चरण का अपना अलग महत्व होता है। कुछ भर्तियों में लिखित परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर अंतिम मेरिट बनती है, जबकि शारीरिक परीक्षण अर्हकारी हो सकता है। कुछ भर्तियों में शारीरिक परीक्षण के अंक भी मेरिट में जुड़ते हैं। यही कारण है कि क्रम और अर्हता की प्रकृति के बारे में अधिसूचना का पाठ ही आधार होता है।

लिखित परीक्षा सामान्यतः वस्तुनिष्ठ (ऑब्जेक्टिव) प्रकार की होती है, जो OMR या कंप्यूटर-आधारित CBT माध्यम से ली जाती है। इसमें भाषा, संख्यात्मक अभियोग्यता, तर्कशक्ति, सामान्य विज्ञान, संविधान एवं विधि, इतिहास-भूगोल-अर्थव्यवस्था, मध्य प्रदेश सामान्य ज्ञान और समसामयिकी जैसे विषय-क्षेत्र शामिल होते हैं। लिखित परीक्षा स्क्रीनिंग का पहला व बड़ा माध्यम है, इसलिए इसकी तैयारी किसी भी अन्य चरण से पहले करनी चाहिए। फिर भी यह ध्यान रखें कि प्रश्न-संख्या, समय और अंकों का बँटवारा अधिसूचना-नियंत्रित है, इसलिए इस पुस्तक में उन आँकड़ों को स्थायी मान कर याद न करें।

लिखित परीक्षा के बाद शारीरिक मापदंड परीक्षण में ऊँचाई, सीना और कभी-कभी वज़न आदि की माप होती है। शारीरिक दक्षता परीक्षण में दौड़, ऊँची कूद, गोला-फेंक जैसे मानक भी हो सकते हैं। ये मानदंड पुरुष और महिला अभ्यर्थियों के लिए अलग-अलग होते हैं। खेल-कोटा, पूर्व सैनिक और आरक्षित वर्गों के लिए छूट का प्रावधान अधिसूचना में दिया जाता है। शारीरिक मापदंड में असफल होने पर कोई भी अभ्यर्थी अगले चरण में नहीं जा सकता, चाहे लिखित परीक्षा में उसके अंक कितने ही अच्छे हों।

दस्तावेज़ सत्यापन का चरण चरित्र और पहचान की पुष्टि से जुड़ा होता है। इसमें जन्म तिथि, शैक्षिक प्रमाणपत्र, मूल निवास, जाति/वर्ग प्रमाणपत्र (जहाँ लागू हो), अनुभव या खेल प्रमाणपत्र और कोविड/अन्य नियमों के तहत घोषणाएँ माँगी जा सकती हैं। दस्तावेज़ों में नाम या माता-पिता के नाम में असंगति होने पर परेशानी होती है, इसलिए पहले से सभी कागजात ठीक कर लेने चाहिए। सत्यापन के समय कोई कागज़ आधा-अधूरा या क्षतिग्रस्त हो, तो स्पष्टीकरण माँगा जा सकता है। इस चरण में सावधानी सबसे ज़रूरी है।

चिकित्सा परीक्षण अंतिम चरण होता है। इसमें सामान्य स्वास्थ्य, दृष्टि, रक्तचाप, हृदय, श्वसन तंत्र और मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित जाँचें होती हैं। चिकित्सा मानक उस अधिसूचना में निर्धारित रहते हैं जिसमें न्यूनतम शारीरिक और स्वास्थ्य संबंधी शर्तें बताई जाती हैं। चिकित्सा परीक्षण में अस्वस्थ घोषित अभ्यर्थी की दोबारा जाँच या अपील की प्रक्रिया भी अधिसूचना/नियम-पुस्तिका के अनुसार होती है। इसलिए आँखों की रोशनी या अन्य मापदंडों की जाँच पहले से करा लेना उचित है, ताकि पूरी मेहनत के बाद अंतिम चरण में चूक न हो।

परीक्षा-पात्रता की शर्तों को संक्षेप में समझने के लिए आयु, शैक्षिक योग्यता, शारीरिक मानक और निवास/डोमिसाइल शर्तें मुख्य हैं। आयु-सीमा की गणना की तिथि अधिसूचना में दी जाती है। शैक्षिक योग्यता के तहत न्यूनतम कक्षा या मान्यता प्राप्त बोर्ड की शर्त रहती है। कुछ भर्तियों में परिवार के व्यक्ति को पुलिस में सेवा देने या नगरीय निकाय के नियम जैसी शर्तें भी जुड़ी होती हैं। इनमें से कोई भी शर्त किताब या कोचिंग के सामान्य ज्ञान से नहीं जुड़ी होती; हर विज्ञापन में इनकी भाषा पढ़नी और समझनी होती है।

अधिसूचना ही अंतिम स्रोत है। पिछले वर्षों की अधिसूचना और चालू विज्ञापन में पात्रता, मानदंड या परीक्षा-योजना बदल सकती है। दोस्तों, व्हाट्सऐप ग्रुप या पुराने पाठ्यक्रम की बातों के आधार पर दावा करना गलत है। अभ्यर्थी को MPESB की आधिकारिक वेबसाइट से चालू अधिसूचना को डाउनलोड करना चाहिए, उसका प्रिंट लेकर पढ़ना चाहिए और जहाँ-जहाँ संख्या लिखी है, उसके सामने पेंसिल से टीप लगानी चाहिए। यही विधि किसी भी अफवाह या पैटर्न-भ्रम से सुरक्षित रखती है।

अधिसूचना-नियंत्रित आँकड़े और रिक्त पठन-तालिका

इस पुस्तक के पूरे अध्याय में एक जानबूझकर रखा गया नियम है: प्रश्न-संख्या, कुल अंक, समय, ऋणात्मक अंकन, अर्हकारी मानदंड, शारीरिक मापदंड और आयु-सीमा की संख्याएँ पुस्तक में मुद्रित नहीं की गईं। इसका कारण यह है कि ये आँकड़े केवल चालू विज्ञापन और नियम-पुस्तिका द्वारा नियंत्रित होते हैं। किसी भी परीक्षा-वर्ष में MPESB अपनी अधिसूचना में ये संख्याएँ तय करता है; वे स्थायी नियम नहीं बन जातीं।

भर्ती-चक्र बदलने पर आँकड़े बदल सकते हैं। एक वर्ष में प्रश्न-संख्या 100 हो तो अगले वर्ष 80 हो सकती है। एक वर्ष में नकारात्मक अंकन हो तो अगले वर्ष हो या न हो। ऊँचाई-सीने की माप भी पुरुष/महिला और अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति या अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए अलग-अलग हो सकती है। यदि कोई पुस्तक इन संख्याओं को बड़े दावे से छाप दे, तो वह पुरानी अधिसूचना पर आधारित होगी और जल्दी अप्रासंगिक हो जाएगी। इसलिए यहाँ रिक्त पठन-तालिका दी गई है, जिसे अभ्यर्थी को स्वयं भरना है।

पठन-तालिका को भरने का सही तरीका यह है कि सबसे पहले MPESB की आधिकारिक अधिसूचना की पीडीऍफ़ खोलें। अधिसूचना के ‘परीक्षा योजना’ या ‘परीक्षा प्रारूप’ शीर्षक भाग से प्रश्न-संख्या, कुल अंक, समय-अवधि और ऋणात्मक अंकन का अंश निकालें। ‘शारीरिक मापदंड’ या ‘शारीरिक मानक’ भाग से ऊँचाई, सीना और दौड़ के आँकड़े लें। ‘आयु-सीमा’ और ‘आरक्षण/छूट’ भाग से सामान्य वर्ग तथा आरक्षित वर्ग की सीमाएँ लें। हर मद के सामने वही संख्या लिखें जो अधिसूचना के मूल पाठ में है, किसी कोचिंग नोट से उधार न लें।

प्रश्न-संख्या, कुल अंक, समय और ऋणात्मक अंकन चारों आँकड़े आपस में जुड़े हैं। यदि प्रश्न-संख्या 100 और कुल अंक 100 हैं, तो प्रति प्रश्न 1 अंक की व्यवस्था लागू होती है। यदि प्रश्न-संख्या 120 और कुल अंक 120 हैं, तो भी प्रति प्रश्न 1 अंक हो सकता है, लेकिन समय-अवधि के साथ मिलकर ही प्रति प्रश्न समय का बजट बनता है। ऋणात्मक अंकन ‘प्रत्येक गलत उत्तर पर’ लागू होता है, चाहे अंश 1/4 हो या 1/3 या कोई अन्य। इन चार मदों को भरने के बाद ही यह तय हो पाता है कि अनुमान लगाना उचित है या नहीं।

अर्हकारी मानदंड को केवल एक पंक्ति तक सीमित न रखें। लिखित परीक्षा में अर्हकारी शब्दों का अर्थ हो सकता है कि एक निश्चित न्यूनतम अंक लाना अनिवार्य है; इसी प्रकार शारीरिक दक्षता परीक्षण के मानक भी स्पष्ट किए जाते हैं। कई अधिसूचनाओं में कहा जाता है कि शारीरिक परीक्षण केवल उत्तीर्ण/अनुत्तीर्ण वाला है, जबकि कई में उसके अंकों को मेरिट से जोड़ा जाता है। इसलिए तालिका में ‘लिखित परीक्षा का अर्हकारी मानदंड’ और ‘शारीरिक परीक्षण का मानदंड’ अलग-अलग लिखें। कोई संख्या या शब्द संदिग्ध हो तो उसके आगे ‘स्रोत पृष्ठ’ लिखना और अधिक सुरक्षा देता है।

शारीरिक मापदंडों की रिक्त तालिका भरते समय यह ध्यान दें कि ऊँचाई और सीना अलग-अलग मद हैं। सीने की माप में ‘बिना फुलाए’ और ‘फुलाकर’ दोनों का मान अधिसूचना में होता है। दौड़ में दूरी (जैसे मीटर/किलोमीटर) और समय (सेकंड/मिनट) दोनों लिखें। कई अधिसूचनाओं में महिलाओं के लिए दौड़ का मानक भिन्न होता है या ऊँचाई-सीना के स्थान पर वज़न/अन्य मानक दिए जाते हैं। इस प्रकार की सूक्ष्म शर्तों को अभ्यर्थी स्वयं भरकर आसानी से अपने सामने रख सकता है।

आयु-सीमा की तालिका में सामान्य वर्ग की ऊपरी व निचली सीमा के साथ आरक्षित वर्ग की छूट को दर्ज करें। कई बार महिला अभ्यर्थियों को अतिरिक्त छूट दी जाती है। आयु की गणना के लिए पात्रता की कटऑफ़ तिथि भी महत्वपूर्ण है; इसके बिना केवल सीमा लिखने से भ्रम बना रहता है। कुछ भर्तियों में पूर्व सैनिक, अधिकारी या अनुबंधित कर्मचारी के लिए विशेष छूट होती है। इन सबको एक साथ रखने से यह पता चलता है कि वास्तव में अपनी पात्रता कब तक बनी हुई है।

इस रिक्त पठन-तालिका का उपयोग केवल जानकारी इकट्ठा करने तक सीमित न रखें। बल्कि इसे अपने अध्ययन-कक्ष की दीवार या दैनिक अध्ययन-डायरी के पहले पृष्ठ पर रखें। जब भी कोई नई अधिसूचना आए, सबसे पहले इस तालिका को अद्यतन करें। यदि पुरानी तालिका में कोई मान पहले से भरा है, तो उसे काटकर नया मान लिखें। इस अभ्यास से आप अफवाहों पर ध्यान नहीं देंगे, पिछले वर्ष के पैटर्न से चिपककर गलती नहीं करेंगे और परीक्षा-योजना का सटीक नक्शा हमेशा अपने पास रखेंगे। यही तालिका अब आगे के सभी अध्यायों में समय-बजट और अटेम्प्ट-रणनीति बनाने का आधार बनेगी।

पठन-आइटमअधिसूचना में लिखा मानस्रोत/पृष्ठ / मेरा नोट
प्रश्न-संख्या (कुल)
कुल अंक
परीक्षा की समय-अवधि
ऋणात्मक अंकन का अंश (उदा. 1/4)
अर्हकारी मानदंड (लिखित परीक्षा)
अर्हकारी मानदंड (शारीरिक परीक्षण)
ऊँचाई (पुरुष/महिला)
सीना (बिना फुलाए/फुलाकर)
दौड़ (दूरी/समय)
आयु-सीमा (सामान्य वर्ग)
आयु-छूट (आरक्षित वर्ग/अन्य)
अन्य शारीरिक मापदंड/छूट

आठ विषय-क्षेत्रों की प्रश्न-जनगणना तालिका

किसी भी भर्ती परीक्षा की तैयारी 'क्या पढ़ें' नहीं, 'किस क्षेत्र में कैसे प्रश्न आते हैं' समझने से शुरू होनी चाहिए। मध्य प्रदेश पुलिस आरक्षक की लिखित परीक्षा का प्रश्न-भंडार आठ विषय-क्षेत्रों में बँटा रहता है: भाषा, संख्यात्मक अभियोग्यता, तर्कशक्ति, सामान्य विज्ञान, संविधान एवं विधि-बोध, इतिहास-भूगोल-अर्थव्यवस्था, मध्य प्रदेश सामान्य ज्ञान और समसामयिकी। यह आठ-सूत्री ढाँचा कोई नई बात नहीं, बल्कि विगत वर्षों के प्रश्न-पत्रों की साझा संरचना का निचोड़ है। हर क्षेत्र का गहराई से इलाज करने से पहले उसकी प्रश्न-भाषा समझ लेना आपको किताबी अध्ययन से कहीं आगे ले जाता है।

प्रश्न-जनगणना तालिका इसीलिए 'जनगणना' कहलाती है क्योंकि यह हर विषय-क्षेत्र के भीतर मौजूद प्रश्न-परिवारों को गिनती-बद्ध करती है। जैसे किसी जिले की जनगणना बताती है कि कितने लोग किस वर्ग में हैं, वैसे ही यह तालिका बताती है कि भाषा में पर्यायवाची, तर्क में सादृश्य, संविधान में अनुच्छेद जैसी कौन-कौन सी इकाइयाँ प्रश्न बन सकती हैं। एक-एक क्षेत्र की सूची को अपनी अभ्यास-कॉपी में उतारकर उसके सामने अपनी कमज़ोरी का निशान लगाइए। यह तालिका परीक्षा का भविष्यवाणी-पत्र नहीं, अध्ययन का नक्शा है — जिसका उपयोग जितना व्यवस्थित, तैयारी उतनी ही संगठित।

भाषा-क्षेत्र के प्रश्न व्याकरण और पठन-बोध दोनों पर टिके होते हैं। पर्यायवाची, विलोम, संधि-समास, मुहावरे-लोकोक्तियाँ और वाक्य-शुद्धि याद-आधारित भाग हैं, जबकि गद्यांश-बोध समझ परखता है — मुख्य विचार क्या है, किस सर्वनाम का संकेत किससे है, विराम-चिह्न किस उद्देश्य से लगा है। इस क्षेत्र की बड़ी भूल यह है कि अभ्यर्थी सैकड़ों शब्दार्थ रट लेते हैं पर गद्यांश का अभ्यास छोड़ देते हैं। नियमों का उदाहरण-सहित अध्ययन करने से दोनों हिस्से एक साथ सधते हैं; पिछली बार गलत हुए शब्दों की अलग सूची रखना भाषा-भाग में सबसे तेज़ सुधार लाता है।

संख्यात्मक अभियोग्यता और तर्कशक्ति दो ऐसे क्षेत्र हैं जहाँ गति ही स्कोर तय करती है। संख्यात्मक में प्रतिशत, लाभ-हानि, औसत, अनुपात-समानुपात, साधारण व चक्रवृद्धि ब्याज और संख्या-श्रृंखला सबसे बार-बार दिखने वाली इकाइयाँ हैं। तर्क में सादृश्य, वर्गीकरण, कोडिंग-डिकोडिंग, दिशा-दूरी, रक्त-संबंध और न्याय-निगमन की बुनियाद होती है। दोनों में सूत्र जानना केवल आधी जीत है — शेष आधी इस बात पर निर्भर है कि पचास प्रश्नों का समयबद्ध सेट कितनी जल्दी हल होता है। जो अभ्यर्थी इन दोनों को अंतिम क्षण के लिए टालते हैं वे गति ही नहीं बना पाते।

सामान्य विज्ञान में प्रश्नों का स्वरूप मुख्यतः तथ्यात्मक होता है: भौतिकी में गति-बल-ऊर्जा और प्रकाश-ध्वनि, रसायन में तत्व-यौगिक-अम्ल-क्षार-लवण, जीव विज्ञान में कोशिका, मानव-शरीर के अंग और सामान्य रोग। संविधान एवं विधि-बोध में अनुच्छेदों की संख्याएँ, मौलिक अधिकारों की सूची, राज्यनीति के अंग तथा पुलिस विभाग से सीधे जुड़े कानूनी प्रावधान पूछे जाते हैं — किस धारा में क्या दंड, किस अनुच्छेद में कौन-सा प्रावधान। दोनों क्षेत्रों में 'लगभग सही' की कोई गुंजाइश नहीं; संख्या और नाम की बारीकी ही सही-गलत का फैसला करती है।

इतिहास-भूगोल-अर्थव्यवस्था तीन अलग विषयों का सम्मिलित क्षेत्र है — प्राचीन, मध्यकाल और आधुनिक भारत का घटनाक्रम, भारत एवं विश्व की नदियाँ-पर्वत-जलवायु, और बजट-बैंकिंग-योजना से जुड़ी आधारभूत शब्दावली। इसी तरह मध्य प्रदेश सामान्य ज्ञान इस परीक्षा की विशिष्ट पहचान है: प्रदेश के ऐतिहासिक स्थल, लोक-नृत्य व त्योहार, नदियाँ-बाँध, राष्ट्रीय उद्यान, जिलों की सीमाएँ और प्रमुख पर्यटन स्थल। यहाँ देशव्यापी सामान्य ज्ञान की किताब अकेले काम नहीं करती; राज्य-स्तरीय स्रोत से विशेष तथ्य जुटाना अनिवार्य है।

समसामयिकी की प्रकृति सबसे अस्थिर है — पिछले छह से बारह माह की राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाएँ, खेल-प्रतियोगिताएँ, पुरस्कार, केंद्रीय योजनाएँ और नई नियुक्तियाँ। यह क्षेत्र साल के हर हफ्ते बदलता रहता है, इसलिए इसे छह महीने पहले की पाठ्यपुस्तक से नहीं, मासिक संग्रह से ताज़ा पढ़ना चाहिए। तालिका में बताए गए प्रश्न-प्रकारों को अपना निजी चेकलिस्ट मानिए — हर इकाई को कम-से-कम एक बार पढ़कर टिक लगाइए, और जिस इकाई में बार-बार गलतियाँ हों उसे अगले दिन फिर से पढ़िए। यही चक्रीय अभ्यास 'जनगणना तालिका' के असली उपयोग को सिद्ध करता है।

अंत में एक आवश्यक सावधानी: यह तालिका गारंटीशुदा भारांक नहीं है। इसमें दी गई इकाइयों के क्रम का अर्थ यह नहीं कि प्रत्येक भर्ती-चक्र में यही संख्या, यही अनुपात और यही कठिनाई दोहराई जाएगी। अधिसूचना की नियमावली ही प्रश्न-संख्या और विषय-भार की अंतिम सत्ता है। पिछले वर्षों के प्रश्न-पत्रों से तुलना करते समय इस बदलाव को सचेत रूप से देखें: जिस क्षेत्र से पिछली बार अधिक प्रश्न आए हों उसे अधिक समय दीजिए, पर किसी क्षेत्र को 'नहीं आएगा' कहकर कभी पूरी तरह छोड़िए मत। संतुलन की दृष्टि ही पैटर्न-भ्रम से बचाती है।

Continues in the full eBook

  • अध्याय 1: परीक्षा का खाका, स्कोरिंग गणित और अटेम्प्ट रणनीति
  • अध्याय 2: हिंदी भाषा, व्याकरण एवं गद्यांश-बोध
  • अध्याय 3: संख्यात्मक अभियोग्यता — मूल अवधारणाएँ और विधि
  • अध्याय 4: तर्कशक्ति एवं मानसिक योग्यता
  • अध्याय 5: सामान्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी
  • अध्याय 6: संविधान, राजव्यवस्था एवं विधिक-नागरिक बोध
  • अध्याय 7: भारत का इतिहास, भूगोल एवं अर्थव्यवस्था
  • अध्याय 8: मध्य प्रदेश सामान्य ज्ञान
  • अध्याय 9: समसामयिकी और भर्ती-प्रक्रिया के चरण
  • अध्याय 10: उच्च-उपज सूत्र, नियम और शॉर्टकट
  • अध्याय 11: हल किए गए उदाहरण और प्रश्न-प्रतिरूप की पहचान
  • अध्याय 12: विषयवार ड्रिल और त्रुटि-नियंत्रण

…and 2 more chapters.

Inside the eBook

Know exactly what you are getting

These details come from the live catalog, the delivery contract and the delivered file. What is and isn't checked is set out once, in “What we check” further down this page.

219 pages digital written and physical-stage workbook
Exam focus: MP Police
Catalog refresh: Source pack refreshed (2026-08-19)
Opens in the online reader in your account library after payment (no PDF download)
Account-delivered study material
Free sample available before purchase
Chapter and topic list shown on this page

Catalog content map

Listed chapters and topics

1. Language and comprehension

Grammar and vocabulary · Comprehension · Sentence correction · Official and administrative usage

2. Numerical ability

Arithmetic · Ratio and percentage · Mensuration · Data interpretation

3. Reasoning and mental ability

Series and analogy · Coding and classification · Direction and arrangement · Logical conclusions

4. General science and technology

Physics · Chemistry · Biology · Everyday technology

5. Polity, law and civic awareness

Constitutional basics · Rights and duties · Public institutions · Law-and-order context

6. History, geography and economy

Indian history · Indian geography · Economy and society · National movement

7. Madhya Pradesh general knowledge

Madhya Pradesh history · Madhya Pradesh geography · Madhya Pradesh culture · Madhya Pradesh administration and economy

8. Current affairs and recruitment stages

Current affairs · Written-stage notice control · Physical and medical-stage notice control · Documents and final verification

Best for

Who should use this

  • MP Police aspirants

Clear boundaries

What is not included

  • Printed-book delivery
  • Automatic renewal
  • Guaranteed exam result or government appointment

Buyer support

Real help before and after payment

Secure Razorpay checkout, registered GST business details, instant digital delivery, and policy-backed access support.

Ask on WhatsApp

Related eBooks

Same-exam and same-category titles are shown first.

Buyer confidence

Buy with clear delivery and support

KarmSakha shows access, delivery, policies and support details before checkout so aspirants know what is included.

Instant digital access after payment
Secure Razorpay checkout
GST business details and support desk
Digital delivery and refund policy shown before payment

Before you buy

What we check, and what we don't claim

What we check

  • The free sample on this page is the opening of the same eBook you unlock after payment.
  • The page count is estimated from this edition's word count (reader pages), not a printed page count.
  • Official sources for this exam are linked below so you can cross-check dates and rules.
  • Access opens in your KarmSakha library as soon as payment is confirmed.
  • Catalog record last checked on 2026-06-21.

What we don't claim

  • No human subject expert has signed off every page.
  • We do not claim it covers the complete official syllabus. Compare the chapter list with the latest official notification.
  • We do not guarantee that every fact is current or error-free. Confirm dates, fees and eligibility on the official notice.
  • No exam result, rank or selection is guaranteed.

Refunds: Refunds are reviewed for a duplicate payment, a failed delivery, the wrong item being unlocked, or a technical fault that stops you using what you paid for. A change of mind, an exam postponement or unused access after delivery usually does not qualify. Read the refund policy.

eBook questions

Before you buy this study pack

Who is MP Police Constable Syllabus-Topic Workbook (Hindi Medium) for?

MP Police Constable Syllabus-Topic Workbook (Hindi Medium) is for MP Police aspirants who want concise digital notes and revision material before practice or exam day.

How is the eBook delivered?

The eBook is delivered digitally through the KarmSakha account flow after successful checkout and entitlement activation.

Does this purchase include other eBooks?

No. This checkout unlocks only MP Police Constable Syllabus-Topic Workbook (Hindi Medium). Every other eBook is priced and purchased separately.

Can I read a sample before buying?

Yes. The opening pages of MP Police Constable Syllabus-Topic Workbook (Hindi Medium) are free to read on this page, with no sign-in.

Is there a refund?

Refunds are reviewed for a duplicate payment, a failed delivery, the wrong item being unlocked, or a technical fault that stops you using what you paid for. A change of mind, an exam postponement or unused access after delivery usually does not qualify.

Ask KarmSakha AI